अब शक्ति का ताँडव होगा - परमजीत कौर - Ab Shakti Ka Tandav Hoga Hindi Poem by Paramjeet Kaur - Man ke Taar

Hindi Poem Man ke Taar Ab Shakti Ka Tandav Hoga by Paramjeet Kaur

जब शक्ति का तांडव होगा ,
तो तुम शिव बन कर भी रोक न पाओगे  !
ऐ पुरुष ,आज अट्टाहस तुम्हारा है  ,
मगर कल जब शक्ति का तांडव होगा ,
तो तुम शिव बन कर भी रोक न पाओगे।
 
पद, प्रतिष्ठा के लालची , 
सत्ता के मद में अंधों ,
जो लुटती है , जलती है, 
रौंदी जाती है ,

वह  इज्ज़त तो तुम्हारे ही घर की है।

माँ के दूध का कैसा कर्ज़ चुका रहे  हो ?

औरत के गर्भ से जन्म लेकर भी 
औरत की अस्मत को यूँ कुचलते देखकर भी 
अँधे  ,गूँगे  और बहरे  बनते  जा रहे हो ?

ये मौन नहीं , होने वाले महाभारत का आगाज़ है।

नारी ,मत रक्षा की गुहार कर, 
जो स्वयं लज्जाहीन हैं , 
वह क्या तेरी लाज 
बचाएँगे?

अपने तेज का आभास कर, 
शक्ति है तू , संहार कर ,
दुर्गा है तू , काली है तू।
मर्दानी बन, दुष्टों का विनाश कर।

क्रोध की  ज्वाला बन, 
शक्ति की आँधी  बन, 
जिसके वेग को ये वहशी न रौंद पाएँगे।
क्योंकि ,

अब शक्ति का ताँडव होगा जो  ये पुरुष ,शिव बन कर भी रोक न पाएँगे ।।

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परमजीत कौर

Paramjit Kaur | paramjit_kaur@live.com

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